Yeh content dharmik aur tantrik parampara par aadharit hai. Options

This celebration encourages us to help make profound connections with our inner selves, which promotes spiritual progress and peace. This holy period reminds us the Main of devotion will be the purity of our hearts as well as the sincerity of our prayers.

* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।

पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

शनिवार से गुप्त नवरात्रि, कैसे करें पूजा, जानें विधि और पूजन सामग्री

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

नौ दिनों तक सात्विक भोजन करें और विचारों को पवित्र रखें।

अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।

* लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर हो जाती हैं।

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।

इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.

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फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के check here माध्यम से उसे बांधें।

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